Thursday, March 13, 2014

माया और कुर्सी से प्यार !!


माया और कुर्सी से प्यार !!

संतों का भी हो जहां माया से अनुराग , 

सत्ता-अनुरागी करें कैसे इसका त्याग ?

कैसे इसका त्याग करें ये कुर्सी वाले ,

इसीलिए तो रोज़ हो रहे हैं घोटाले ।

जब तक लुटते रहोगे, हर कोई लूटेगा ,

काले धन का चक्रव्यूह फिर कैसे टूटेगा?

- कृष्ण गोपाल विद्यार्थी
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